सूर्य नमस्कार (Hindi Milap)

सूर्य नमस्कार रोज करते रहना चाहिए। परन्तु निम्न सूचित चार प्रकार से करते हुए आगे नमस्कार मुद्रा करें |
1. पहली विधि – इसमें ऊपर उल्लिखित स्थितियों में से 1, 2, 3, 11,12. मात्र पाँच स्थितियों का अभ्यास करें।
2. दूसरी विधि – इसमें ऊपर उल्लिखित स्थितियों में से 1, 2, 3, 5, 10, 11,12 मात्र सात स्थितियों का अभ्यास करें।
3. तीसरी विधि – इसमें ऊपर उल्लिखित स्थितियों में से 1, 2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 12 मात्र नौ स्थितियाँ का अभ्यास करें।
4. चौथी विधि – इसमें उपरोक्त तीन विधियों का अभ्यास करने के बाद 12 तक की सभी स्थितियों का अभ्यास करना है। ऐसा करने से सूर्य नमस्कार का अभ्यास सरल हो जाता है।…

Source: http://www.webmilap.com/PUBLICATIONS/DAILYHINDIMILAP/DAILYHINDI/2018/04/08/ArticleHtmls/08042018019009.shtml?Mode=1

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